
Bollywood super star Amitabh Bachchan with wife Jaya Bachchan at the launch of the book 'Madhushala' on the occation of 102nd birth anniversary of his father Harivansh Rai Bachan.
शब्द ही के बीच में दिन-रात बसता हुआ उनकी शक्ति से , सामर्थ्य से - अक्षर - अपरिचित मैं नहीं हूँ . किन्तु , सुन लो , शब्द की भी , जिस तरह संसार में हर एक की , कमज़ोरियां, मजबूरियाँ हैं - शब्द सबलों की सफल तलवार है तो शब्द निबलों की नपुंसक ढाल भी है . साथ ही यह भी समझ लो , जीभ को जब - जब भुजा का एवज़ी माना गया है , कंठ से गाना गया है .
