Amitabh's Life in danger For Power
Akshay Kumar to remake Malayalam film
1 year ago
शब्द ही के बीच में दिन-रात बसता हुआ उनकी शक्ति से , सामर्थ्य से - अक्षर - अपरिचित मैं नहीं हूँ . किन्तु , सुन लो , शब्द की भी , जिस तरह संसार में हर एक की , कमज़ोरियां, मजबूरियाँ हैं - शब्द सबलों की सफल तलवार है तो शब्द निबलों की नपुंसक ढाल भी है . साथ ही यह भी समझ लो , जीभ को जब - जब भुजा का एवज़ी माना गया है , कंठ से गाना गया है .